मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट पर राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन


अपराध जांच को और अधिक वैज्ञानिक एवं सटीक बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट के उपयोग पर राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें प्रदेशभर से आए करीब 500 पुलिसकर्मियों को आधुनिक फिंगरप्रिंट तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला का शुभारंभ सीआईडी के आईजी डॉ. ध्रुव गुप्ता ने किया। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक किट घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और चांस प्रिंट को वैज्ञानिक तरीके से विकसित करने में बेहद कारगर साबित होगी। इससे न सिर्फ साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया मजबूत होगी, बल्कि अदालत में उन्हें प्रभावी सबूत के रूप में पेश करना भी आसान होगा।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि चांस प्रिंट के सूक्ष्म विश्लेषण से अज्ञात आरोपियों की पहचान अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी। इसी उद्देश्य से पुलिस विभाग ने मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट खरीदी है, ताकि अपराध जांच को आधुनिक तकनीक का बेहतर सहयोग मिल सके।

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन और वीडियो डेमो के माध्यम से किट के उपयोग की पूरी प्रक्रिया समझाई। साथ ही राज्य के विभिन्न थानों से आए पुलिसकर्मियों को फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट भी वितरित की गई।

इस राज्यस्तरीय कार्यशाला में प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर के लगभग 500 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण में फिंगरप्रिंट संग्रहण, चांस प्रिंट की पहचान, साक्ष्यों के संरक्षण और वैज्ञानिक जांच की आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में फिंगरप्रिंट ब्यूरो के संचालक (डीएसपी) अजय कुमार साहू, डीएसपी विद्या जोहर, निरीक्षक कमलेश्वर सिंह, धर्मेंद्र कुमार भारती, अंजली मिंज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौजूद रहे।

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