
छत्तीसगढ़ में अवैध खनन पर सख्ती, बढ़ा जुर्माना और लागू हुए नए नियम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध खनन पर लगाम कसने के लिए गौण खनिज नियमों में व्यापक संशोधन लागू किए हैं। मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद प्रभावी हुए नए नियमों का उद्देश्य अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाना, राजस्व बढ़ाना तथा खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक और पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करना है।
नए नियमों के तहत अवैध खनिज परिवहन और उत्खनन के मामलों में न्यूनतम समझौता शुल्क 25 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं अवैध परिवहन पर प्रति टन 2 हजार रुपये की दर से जुर्माना वसूला जाएगा, साथ ही खनिज का पूरा मूल्य भी अलग से देना होगा। इसके अलावा जब्त किए गए वाहनों की सुपुर्दगी के लिए 50 हजार से 3 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करना अनिवार्य किया गया है, ताकि उनका दोबारा अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल न हो सके।
सरकार ने विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय निर्माण कार्यों हेतु उत्खनन क्षेत्र की सीमा 1 हेक्टेयर से बढ़ाकर 2 हेक्टेयर और अनुज्ञापत्र की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दी है। साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास-2025 की स्थापना का भी निर्णय लिया गया है, जिसमें गौण खनिजों की रॉयल्टी का 2 प्रतिशत जमा होगा। इसके अलावा खनन पट्टों के समामेलन, रॉयल्टी कटौती व्यवस्था और जिला पंचायतों को राजस्व में हिस्सेदारी जैसे कई महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं, जिससे खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।


