पुरुषों और महिलाओं पर अलग-अलग असर डालती है डायबिटीज, नई स्टडी में खुलासा

महिलाओं और पुरुषों में डायबिटीज का असर एक जैसा नहीं होता। शरीर की जैविक संरचना में अंतर होने के कारण दोनों में इस बीमारी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी अलग हो सकता है। हाल ही में हुई एक स्टडी में टाइप-2 डायबिटीज के पुरुषों और महिलाओं पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण किया गया। इसमें सामने आया कि महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का खतरा अधिक रहा, जबकि पुरुषों में हृदय, किडनी और हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी परेशानियां ज्यादा देखी गईं।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, डायबिटीज की पहचान होने के बाद महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं विकसित होने की संभावना पुरुषों की तुलना में अधिक थी। वहीं पुरुषों में दिल और गुर्दे से जुड़ी बीमारियों के साथ हाइपरटेंशन का जोखिम ज्यादा पाया गया। इससे पता चलता है कि डायबिटीज से होने वाली जटिलताएं पुरुषों और महिलाओं में अलग तरीके से सामने आ सकती हैं।
ब्रिटेन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी और अन्य शोधकर्ताओं ने 2010 से 2020 के बीच टाइप-2 डायबिटीज विकसित करने वाले करीब 28,720 पुरुषों और महिलाओं के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का अध्ययन किया। बीमारी का पता चलने के बाद लगभग 39 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कम से कम एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य घटना का अनुभव किया। शोध में इन घटनाओं के समय और उनकी प्रगति में पुरुषों और महिलाओं के बीच अंतर पाया गया।
अध्ययन में महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की दर 8.1 प्रतिशत रही, जबकि पुरुषों में यह 5.3 प्रतिशत थी। दूसरी ओर, पुरुषों में हृदय रोग की दर 8.4 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि महिलाओं में यह 5.3 प्रतिशत रही। इसके अलावा पुरुषों में अंतिम चरण की गुर्दे की बीमारी और हाइपरटेंशन की दर भी अधिक पाई गई। अध्ययन के निष्कर्ष प्लोस मेडिसिन पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।
