पायलट और फ्लाइट अटेंडेंट में रेडिएशन से जुड़े कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा, स्टडी में कॉस्मिक रेडिएशन पर उठे सवाल

एपी, नई दिल्ली। आसमान में घंटों उड़ान भरने वाले पायलट और फ्लाइट अटेंडेंट्स को काम के दौरान कॉस्मिक रेडिएशन का सामना करना पड़ता है। अब एक नई अमेरिकी स्टडी में पाया गया है कि 500 से ज्यादा पेशों में फ्लाइट अटेंडेंट्स और पायलट्स में रेडिएशन से जुड़े कैंसर की वजह से होने वाली मौतों का अनुपात सबसे अधिक और दूसरे स्थान पर था।

यह रिसर्च 17 अगस्त 2026 को JAMA Internal Medicine में प्रकाशित हुई। हालांकि, शोधकर्ताओं ने यह साबित नहीं किया है कि इन कैंसर मौतों का सीधा कारण सिर्फ कॉस्मिक रेडिएशन ही है।

ऊंचाई बढ़ने पर क्यों बढ़ता है कॉस्मिक रेडिएशन?

कॉस्मिक रेडिएशन अंतरिक्ष से आने वाला आयनाइजिंग रेडिएशन है। पृथ्वी की सतह पर वातावरण इसका काफी हिस्सा रोकता है, लेकिन ऊंचाई बढ़ने के साथ इसका संपर्क बढ़ जाता है।

इसी वजह से लंबे समय तक उड़ान भरने वाले एयरक्रू को आम लोगों की तुलना में अधिक occupational radiation exposure हो सकता है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के मुताबिक, अमेरिकी एयरक्रू को उड़ान मार्ग के आधार पर हर साल अनुमानित 3 से 6 मिलीसीवर्ट cosmic radiation exposure मिलता है।

1.27 करोड़ से ज्यादा death certificates का विश्लेषण

शोधकर्ताओं ने अमेरिका के National Vital Statistics System से 2020 से 2024 के बीच के करीब 1.27 करोड़ death certificates का अध्ययन किया। इसमें 503 अलग-अलग occupations शामिल थे, जिनमें करीब 14,000 पायलट और 7,000 फ्लाइट अटेंडेंट भी थे।

अध्ययन में उम्र, सेक्स, नस्ल, ethnicity, education और marital status जैसे कई कारकों को ध्यान में रखकर occupational differences का विश्लेषण किया गया।

फ्लाइट अटेंडेंट सबसे ऊपर, पायलट दूसरे नंबर पर

रिसर्च में फ्लाइट अटेंडेंट्स में होने वाली मौतों में लगभग 6.9% को radiation-related cancers से जोड़ा गया। पायलटों में यह आंकड़ा 6.7% था। सामान्य working population में यह proportion करीब 5% था।

शोधकर्ताओं के अनुसार, अन्य occupations की तुलना में फ्लाइट अटेंडेंट्स में radiation-related cancer mortality की adjusted odds लगभग 50% अधिक और पायलटों में करीब 36% अधिक थीं।

किन कैंसर को अध्ययन में शामिल किया गया?

रिसर्च में radiation-related cancers की श्रेणी में कई प्रकार के कैंसर शामिल किए गए, जैसे:

  • ल्यूकेमिया
  • लिम्फोमा
  • मल्टीपल मायलोमा
  • ब्रेस्ट कैंसर
  • थायरॉयड कैंसर
  • प्रोस्टेट कैंसर
  • मेलानोमा और अन्य त्वचा कैंसर
  • सेंट्रल नर्वस सिस्टम के कैंसर

पायलट और फ्लाइट अटेंडेंट्स में कुछ विशेष कैंसरों, जिनमें breast cancer, central nervous system cancer, prostate cancer और melanoma शामिल हैं, से होने वाली mortality अधिक पाई गई। पायलटों में leukemia mortality भी अधिक थी।

क्या कॉस्मिक रेडिएशन ही है जिम्मेदार?

यहां सावधानी जरूरी है। अध्ययन observational population data पर आधारित है और शोधकर्ताओं के पास प्रत्येक व्यक्ति को उड़ान के दौरान मिली वास्तविक radiation dose की जानकारी नहीं थी।

इसके अलावा, एयरक्रू की irregular shifts, jet lag और circadian rhythm disruption जैसे अन्य factors भी cancer risk को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए findings cosmic radiation की भूमिका की ओर इशारा करती हैं, लेकिन इसे अकेला और निश्चित कारण नहीं कहा जा सकता।

आम यात्रियों को कितना खतरा?

यह रिसर्च मुख्य रूप से लंबे समय तक पेशेवर रूप से उड़ान भरने वाले एयरक्रू पर केंद्रित है। आम यात्री और एयरलाइन कर्मचारी के exposure को एक जैसा नहीं माना जा सकता।

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार, औसत यात्री की अनुमानित annual exposure की तुलना में frequent aircrew का exposure काफी अधिक हो सकता है।

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