‘मल्टीग्रेन’ और ‘नेचुरल’ के दावों से आगे देखें: क्या आपके बच्चे के टिफिन में जरूरत से ज्यादा पैकेज्ड फूड पहुंच रहा है?

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सुपरमार्केट की अलमारियों पर रंग-बिरंगे पैकेट, बड़े-बड़े हेल्थ क्लेम और बच्चों को आकर्षित करने वाली पैकेजिंग अब रोजमर्रा की खरीदारी का हिस्सा बन चुकी है। ‘नेचुरल’, ‘मल्टीग्रेन’, ‘हाई फाइबर’ और ‘बेक्ड’ जैसे शब्द किसी उत्पाद को पहली नजर में हेल्दी दिखा सकते हैं। लेकिन असली तस्वीर जानने के लिए पैकेट के सामने से ज्यादा उसके पीछे लिखी जानकारी पढ़ना जरूरी है।
पैकेज्ड फूड को लेकर फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल की बहस ने एक अहम सवाल खड़ा किया है—क्या उपभोक्ता को किसी उत्पाद में मौजूद अधिक चीनी, नमक या वसा के बारे में खरीदारी से पहले स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए?
सामने के दावे नहीं, पीछे की सामग्री पढ़ें
किसी पैकेट पर ‘मल्टीग्रेन’ या ‘नेचुरल’ लिखा होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वह उत्पाद रोजाना खाने के लिए बेहतर विकल्प है।
खरीदारी करते समय सबसे पहले ingredients list देखें। इसमें सामग्री आमतौर पर मात्रा के क्रम में दी जाती है। अगर शुरुआती हिस्से में चीनी, सिरप या रिफाइंड सामग्री दिखाई दे रही है, तो उत्पाद को केवल उसके फ्रंट पैक पर लिखे हेल्थ क्लेम के आधार पर चुनना सही नहीं होगा।
चीनी कई अलग-अलग नामों से भी दिखाई दे सकती है, जैसे ग्लूकोज सिरप, फ्रक्टोज, डेक्सट्रोज और माल्टोडेक्सट्रिन। इसलिए केवल ‘sugar’ शब्द खोजने के बजाय पूरी सामग्री सूची पढ़ना ज्यादा उपयोगी है।
‘बेक्ड’ का मतलब हमेशा हेल्दी नहीं
‘बेक्ड’ शब्द अक्सर तले हुए विकल्प की तुलना में बेहतर विकल्प का संकेत देता है, लेकिन इससे पूरा उत्पाद अपने आप हेल्दी नहीं हो जाता।
किसी स्नैक में तेल की मात्रा कम हो सकती है, लेकिन उसमें नमक, चीनी या कैलोरी फिर भी ज्यादा हो सकती है। इसलिए किसी एक शब्द के बजाय पूरी nutrition information को देखना जरूरी है।
बच्चों के टिफिन में क्यों रखें सावधानी?
बच्चों की डाइट में अगर रोजाना बिस्कुट, पैकेज्ड स्नैक्स, मीठे ड्रिंक्स और दूसरे अत्यधिक प्रोसेस्ड उत्पाद शामिल हो जाएं, तो ताजे और कम प्रोसेस्ड भोजन की जगह कम हो सकती है।
इसलिए बच्चों के टिफिन में केवल पैकेट देखकर कोई उत्पाद चुनने के बजाय फल, घर का बना पोहा, दाल, चना, मूंगफली, मखाना, ढोकला, शकरकंद या अन्य स्थानीय विकल्पों को शामिल किया जा सकता है।
स्वाद की आदत भी बदल सकती है
बहुत मीठे, नमकीन या तेज स्वाद वाले खाद्य पदार्थ बच्चों को जल्दी पसंद आ सकते हैं। ऐसे में उन्हें पूरी तरह प्रतिबंधित करने के बजाय धीरे-धीरे घर के सामान्य भोजन और प्राकृतिक स्वादों की आदत डालना ज्यादा व्यावहारिक तरीका हो सकता है।
बच्चों को भोजन बनाने में शामिल करना और उन्हें पैकेट की nutrition label पढ़ना सिखाना भी एक उपयोगी आदत बन सकती है।
चेतावनी लेबल से आगे की जिम्मेदारी
फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी उपभोक्ता को खरीदारी के समय बेहतर जानकारी दे सकती है, लेकिन किसी भी खाद्य उत्पाद का चुनाव केवल एक लेबल देखकर नहीं किया जाना चाहिए।
उपभोक्ताओं को ingredients, serving size, calories, sugar, sodium और saturated fat जैसी जानकारियों को भी देखना चाहिए।
आखिर में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि पैकेट पर क्या लिखा है। सवाल यह भी है कि उसमें वास्तव में क्या है और वह हमारी रोजाना की डाइट में कितनी जगह ले रहा है।
ध्यान देने योग्य आंकड़े
- पैकेज्ड फूड खरीदते समय केवल फ्रंट लेबल के बजाय ingredients और nutrition table पढ़ना जरूरी है।
- बच्चों की डाइट में ताजे और कम प्रोसेस्ड भोजन की पर्याप्त जगह होनी चाहिए।
- ‘Natural’, ‘Multigrain’, ‘Baked’ या ‘High Fibre’ जैसे शब्द अकेले किसी उत्पाद को हेल्दी साबित नहीं करते।
- अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन को रोजाना की डाइट का बड़ा हिस्सा बनाने से बचना बेहतर है।
