चेन लूट नहीं, कर्ज से बचने की चाल थी! तीन दिन बाद पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

रायपुर के डीडी नगर क्षेत्र में सुपरवाइजर से 10.26 लाख रुपये की लूट के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी गौरव तिवारी और उसके साथी आशीष पाण्डेय उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 7 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई एक्टिवा भी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, 6 जून को बालाजी रोलिंग मिल के सुपरवाइजर श्रवण साहू कंपनी की उधारी के 10.26 लाख रुपये लेकर डंगनिया बाजार पहुंचे थे। इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन्हें धक्का देकर रुपयों से भरा बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए। बैग में नकदी के साथ बैंक से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मौजूद थे।
मामले की जांच के लिए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा डीडी नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज की जांच, तकनीकी विश्लेषण और कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी गौरव तिवारी पहले संबंधित कंपनी में भुगतान से जुड़े कार्यों के सिलसिले में आता-जाता था। इसी दौरान उसे कंपनी में बड़ी रकम के लेनदेन और आवागमन की जानकारी मिली। इसके बाद उसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई और करीब डेढ़ महीने तक कंपनी और कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखी।
वारदात वाले दिन आरोपियों ने सुपरवाइजर का पीछा किया और मौका मिलते ही लूट को अंजाम देकर फरार हो गए। घटना के बाद सभी आरोपी अलग-अलग राज्यों में छिपते रहे। पुलिस ने लगातार 72 घंटे तक मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।


